हाइलाइट्स

जयपुर एयरपोर्ट पर पेड़ काटने की कार्रवाई का हो रहा विरोध.
जयपुर एयरपोर्ट पर पेड़ काट रहे कर्मियों से कराया काम बंद.
जन समस्या निवारण मंच ने दी चिपको आंदोलन की चेतावनी.

जयपुर. इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस पास काटे जा रहे पेड़ों को बजाने के लिए बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमी विरोध में उतर आए हैं. इस मामले को लेकर जन समस्या निवारण मंच की ओर से मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया गया. बता दें कि एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीन से काटे जा रहे हैं. पेड़ों को काटे जाने कार्रवाई को रोक कर पर्यावरण प्रेमी ने मामले में आपत्ति दर्ज कराई है. पर्यावरण प्रेमियों ने इसके विरोध में पेड़ों से लिपटकर चिपको आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है.

बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल नंबर 1 के पास आस पास क्षेत्र में करीब 700 पेड़ों को डेवलपमेंट के नाम पर काटा जा रहा है. इस मामले में इन 700 पेड़ों के मुआवजे के तौर पर 4400 पेड़ दूसरे स्थान पर लगाने की बात कही जा रही है. लेकिन, पर्यावरण प्रेमियों ने मामले में विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी एक स्थान के पर्यावरण को नष्ट कर के उसकी भरपाई अन्य किसी स्थान पर करना किसी तरह की समझदारी नहीं है.

पर्यावरण बचानेवालों का कहना है कि हर जगह का अपना एक अलग इको सिस्टम होता है. एयरपोर्ट टर्मिनल नंबर 1 में लगे इन 700 पेड़ों पर हजारों की संख्या में बेज़ुबान पक्षी इन पेड़ों पर निवास करते हैं. इस कार्रवाई से उन पक्षियों का घरौंदा उजड़ जाएगा. आसपास के क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को इन पेड़ों की मदद से ही प्राण वायु मिलती है. ऐसे में इस स्थान के मुआवजे के तौर पर अन्यत्र स्थान पर लगाए गए हजारों पेड़ इस स्थान पर हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकते हैं.

यहां यह भी बता दें कि एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के पास बसी एयरपोर्ट कर्मचारियों को रिहायशी कॉलोनी में करीब 40 से 50 साल पुराने इन विशालकाय दरख्तों में पीपल, नीम, अशोक, गूलर, बबूल समेत कई प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं. यहां विरोध करनेवाले पर्यावरण प्रेमियों के मुताबिक लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के लिए हर क्षेत्र में हरियाली और पेड़ों का अपना महत्व है. प्रदेश में पहले ही लगातार घटते वन एक चुनौती है.

इससे पहले भी हाईवे विस्तार के नाम पर जयपुर के आसपास करीब 25 हजार विशालकाय पेड़ काट दिए गए थे. उसकी एवज में 1 लाख पेड़ लगाए जाने थे. वे 25 हजार पेड़ तो काट दिए गए, लेकिन उनकी भरपाई के लिए 1 लाख पेड़ सिर्फ कागजों में ही लगाए गए धरातल पर वे पेड़ कहीं नजर नहीं आए. ऐसे एयरपोर्ट पर काटे जा रहे इन पेड़ों को पर्यावरण प्रेमी किसी कीमत पर कटने नहीं देंगे. इसके विरोध में जरूरत पड़ी तो वे पेड़ों के लिपट कर चिपको आंदोलन शुरू करेंगे.

Tags: Jaipur Airport, Jaipur news, Rajasthan news

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