इ सूर्य के चमक के राज का बा? आखिर कौन वजह से सूर्य कुमार यादव दिन-रात, देश-परदेश कहींओ आपन चमक बिखरे में कामयाब बाड़न ? सूर्य से लंबा छक्का मारेवाला पचास गो खिलाड़ी वर्ल्ड क्रिकेट में बा, सूर्य़ से ज्यादा हार्ड हिट करेवाला आपने टीम में बा. रोहित, विराट, पंत इ लोग सूर्य से कम तेज ना मारेला. उनकर जइसन स्कूप आ स्विप भी कइ गो खिलाड़ी मारेला लेकिन सूर्य के मुकाबले में केहू ना ठहरेला. आखिर सूर्य में अइसन कौन सुरखाब जड़ल बा जे उनकर मुकाबला में केहू आउर ना खड़ा हो पा रहल?

इ सवाल के जवाब जाने से पहिले ऱऊंवा सब सूर्य कुमार यादव के पत्नी के बात पर गौर करीं. उहां के सूर्य कुमार यादव के एगो खास राज पर से परदा हटावते हुए बतइनी ह कि उ हर मैच से पहिले आपन पति मतलब सूर्य कुमार यादव के मोबाइल पर कब्जा कइ ले ली. कब्जा मतलब कब्जा. मैच खत्म होखे से पहिले मोबाइल मिले के कौनो गुंजाइश ना.

अब पूछी इ काम उहां के काहे करे नी ? आपन पति के चित्त एकाग्र करे के खातिर. कंस्ट्रेशन भंग ना होखे के खातिर. असल में रऊंवो महसूस कइले होखब कि मोबाइल त ह बहुत काम के चीज लेकिन कई बार मोबाइल मुसीबतो बन जाला. फालतू के फोन, मैसेज अइसन कि दिमाग सनसना जा जाला. सोशल मीडिया पर चल जाइं त सांपों से जादा जहर उगले वाला लोग लउक जहिएन. इ लोग दिमाग के दही जमा देला. ना चाहते हुए भी दिमाग इ आलतू फालतू के बात में उलझ जाला.

ओपर से सूर्य कुमार यादव सुपर स्टार. पूरा देश दुनिया के नजर उनकर पर बा. अइसे में उनकरा पर ज्ञान देबे वाला पांच हजारा जाला. कुछ लोग तारीफ करेला त कुछ लोग अनाश शनाप बातो लिख देला. उ सब बात से केहू के दिमाग खराब हो जाइए. इहे सब से आपन पति के बचावे के खातिर सूर्य कुमार यादव के पत्नी उनकर मोबाइल पर कब्जा कइ ले ली.

मैच में एकर नतीजा भी दिखेला. हर मैच में सूर्य कुमार यादव पूरा ध्यान से, एकाग्र चित्त होके बैटिंग करत नजर आवेलन. गौर से सूर्य के बैटिंग के देखब त ओकरा में रऊंवा दिमाग के खेल खूब देखाइ पड़ी. सांच पूछी त सूर्य कुमार यादव बॉलर के दिमागे से खेले लन. उ हर बॉल से पहिले बॉलर के दिमाग पढ़े के कोशिश करेलन कि इ बॉल कहां डलीहन ? इ बात जाने के खातिर एगो बढ़िया तरीका है फिल्डर के पॉजिशन देखल. हर बॉलर फिल्डिंग के हिसाबे से बॉल डालल पसंद करेला. दोसर तरफ सूर्य कुमार उ लोग से दू हाथ आगे. जहां गैप, ओही जी उनकर शॉट ! रऊंवा देखत होखब कि सूर्य कुमार के ज्यादातर शॉट वोही जी जाला जहां फिल्डर ना होला.

सूर्य कुमार यादव खुद भी आपन कामयाबी के एगो दोसर राज पर से परदा हटवलन ह. उ बतइलन ह कि हर मैच से एक दिन पहिले से उ बैट बॉल के ना छुऐलन. ना नेट प्रैक्टिस करेलन, ना कैच प्रैक्टिस, ना आपन रूम में बैट बॉल से ठुक ठुक ! अब सोची उ इ काम काहें करलन ? दिमाग फ्रेश रखे के खातिर. दिमाग पर खेल के लेके कौनो लोड ना लेबे के खातिर. मैच के एक दिन पहिले से बैट बॉल ना छुअला से उ मैच में एकदम फ्रेश होकर उतरे लन. दिमाग फ्रेश रहला से उनकर पूरा ध्यान खेल पर रहेला आ उ हर मैच में दबा के चौका छक्का उड़ावे लन.

(शशिकांत मिश्र स्वतंत्र पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

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