Modinagar तहसील क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध बावजूद रोजाना बढ़े पैमाने पर खपाई जा रही है। व्यापारी दिल्ली से पालीथिन और सिंगल यूज्ड प्लास्टिक ला रहे हैं। इसके बाद दुकानदारों को फुटकर में बेचा जा रहा है। केंद्र सरकार ने एक जुलाई से पूरे देश में पालीथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसमें तहसील व पालिका के कई अधिकारियों को प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें दस जुलाई तक पालीथिन का इस्तेमाल करने वालों को नोटिस जारी करना था। इसके बाद छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके जिम्मेदार इस पर प्रतिबंध लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं, क्योंकि मोदीनगर में व्यापारी अभी भी बड़े पैमान पर दिल्ली से प्रतिबंधित पालीथिन लाकर दुकानदारों को फुटकर में बेच रहे हैं। उधर, अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही प्रतिबंधित पालीथिन का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इन अधिकारियों की थी जिम्मेदारी
डीएम, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओए डीपीआरओ, सदस्य राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण अभियंता, निदेशक पर्यावरण, उप निदेशक सहायक माल व सेवाकर अधिकारी, तहसीलदार, पर्यटन अधिकारी, ईओ, सफाई निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक आदि अधिकारियों की पालीथिन पर प्रतिबंध के इस्तेमाल से लेकर आयात, निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी थी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नियमों का भी नहीं हो रहा पालन
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मंत्रालय ने प्रतिबंधित पालीथिन का भंडारण, प्रयोग करते पाए जाने पर एक लाख रुपये या पांच साल की जेल के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महज छोटे-छोटे सब्जी बेचने वाले दुकानदारों से ही पालीथिन जब्त कर उनसे मामूली जुर्माना वसूला है।
Disha Bhoomi
