Modinagar – राजपूताना फर्टीलाइजर लि0 की कंसर्न मोदी थ्रेड मिल, मोदी टेलीफाइबर के 2598 मजदूरी का प्रोविडेंट फंड (पीएफ) का पैसा उक्त कंपनी के प्रबंधन द्वारा रीजनल कमीशनर कार्यालय मेरठ में जमा करा दिया है। मजदूरों के हिसाब से विगत 27-28 वर्ष पूर्व पीएफ के रुप में काटे गयें पैसे पर कम्पनी द्वारा अपना अंशदान पीएफ ऑफिस में अभी तक जमा नहीं कराया गया था।
भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग के जिला संयोजक लोकेश कुमार ढ़ोडी ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस बाबत गत वर्ष 19 नबंवर को उनके द्वारा रीजनल कमीशनर पीएफ मेरठ को प्रथम पत्र लिखकर उक्त कंपनी के चेयरमैन एसके मोदी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने व मजदूरों का पीएफ का पैसा जमा करवाने के लिए दिया गया था। उसके बाद समय- समय पर संबंधित अधिकारियों को पत्र द्वारा सबूतों सहित वर्ष 2022 तक सहित रकम का मजदूरों को भुगतान करने की मांग की थी। ढ़ोडी के मुताबिक आखिरकार उनका प्रयास रंग लाया और राजपूताना फर्टीलाइजर लि0 द्वारा गत दिनांक २० जन को 2598 मजदूरों का पीएफ का फिलहाल 43,69241 रुपये के चैक जमा करा दिए गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से मजदूरों में हर्ष व्याप्त है। ढ़ोडी के मुताबिक मोदीनगर के मजदूरों के इतिहास में यह पहला ऐतिहासिक फैसला है। लोकेश ढ़ोडी का कहना है विगत 27-28 वर्ष का उक्त मजदूरों का ब्याज सहित पीएफ की कुल रकम जो सात करोड़ अड़सट लाख, सात हजार नौ सौ पच्चीस रुपये बनती है उक्त मिल प्रबंधन द्वारा जल्दी ही जमा कराने के बाद मजदूरों में बांट दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि विगत 27-28 वर्षों से 22598 मजदूरों के पीएफ का करोड़ों रुपया मिल प्रबंधन ने रीजनल कमीशनर पीएफ मेरठ में जमा नहंीं कराया था, मगर उसके बाद भी श्रमिकों की राजनीति करने वाले नेताओं और यूनियनों द्वारा आज तक मिल प्रबंधन के खिलाफ किसी प्रकार की कोई आवाज नहीं उठाई गई। आरोप भी लगाया है कि विगत वर्ष नवंबर माह में उनके द्वारा उक्त आवाज उठाये जाने पर उनको धमकाने व प्रलोभन देकर चुप कराए जाने के लिए कई प्रयास किए गए पर वह असफल हुए। ढ़ोडी का कहना है जब तक समस्त उक्त रकम मिल प्रबंधन द्वारा रीजनल कमीशनर पीएफ मेरठ में जमा नहीं कराई जाती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस संबंध में मिल प्रबंधन और श्रमिक नेताओं से संपर्क साधा गया मगर संपर्क नहीं हो सका।
Disha Bhoomi
