मोदीनगर। 1857 के प्रथमस्वंतत्रता संग्राम में अंग्रेजों की चूल हिला देने वाले वीर योद्धा स्वः रामप्रसाद भैंसे की गांव खिंदौडा में मूर्ति का अनावरण हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी काकड़ा ने किया।
खिंदौड़ा गांव निवासी रामप्रसाद उर्फ भैंसा त्यागी का नाम आज भी इतिहास के पन्नांे में दर्ज है। भैंसा जितना बलशाली होने पर खुद का नाम व पहचान रामप्रसाद उर्फ भैंसा के रूप् में कराने वाले इस महान शख्सियत की मंगलवार को ग्राम के कुटी चैक पर प्रतिमा स्थापित की गई। इस दौरान हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी काकड़ा ने रामप्रसाद उर्फ भैंसे की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके चरणों मे पुष्प अर्पित किए। इस दौरान ग्रामवासियों व हिन्दू युवा वाहिनी के सैंकड़ो कार्यकर्ताओ में उत्साह देखने को मिला। जिलाध्यक्ष आयुष त्यागी काकड़ा ने बताया की मुंह की खाने के बाद अंग्रेजो ने जिन गांवों को बागी घोषित किया था। वह आजादी के 65 साल बाद भी बागी ही कहलाएजाते हैं  । बगावत की शुरूआतरामप्रसाद भैंसा की ओर से की गई व बगावत करने में गांववासियों का साथ रहा। 10 मई 1857 में क्रांति को लेकर छिड़ी जंग में अंग्रेजों को ग्राम ग्यासपुर, भनेडा, सुहाना, कुम्हैडा व खिंदौडा के ग्रामवासियों ने खदेड़ दिया था, तब अंग्रेजों ने इन पांचो गांवों को बागी घोषित किया  था, परंतु यह बागी नहीं यह सच्चे देशभक्त हैं। जिन ग्रामवासियों ने अपनी जान के बिना परवाह किए देश के लिए अंग्रेजों के शासन की बगावत की शुरूआत की। आने वाली पीढ़ी भी जन्म जन्मांतर तक इस महान शख्सियत को याद रखेगी। उन्होेने कहा कि वे इन पांचो बागी गांवो के विकास के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता करेगे। इस दौरान जिला सयोजक अवनीश प्रधान, जिला उपाध्यक्ष मोहित त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष निशांत कुमार त्यागी, सुबोध कुमार, सुशील प्रजापति, अंकित, अंकित गुर्जर, राहुल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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