मोदीनगर। गत मंगलवार को प्रदेश के लखीमपुर खीरी में घटित हिंसात्मक घटनाओं की कवरेज करने के दौरान टीवी पत्रकार रमन कश्यप की हुई संदिग्ध मौत की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस आशय की मांग करते हुए पत्रकारों के संगठन यूपी जर्नलिस्टस एसोसिएशन की जिला व तहसील इकाइयों से जुड़े पत्रकारों ने कहा है कि जिन परिस्थिति में रमन कश्यप की मौत हुई है, उसका पता लगाने के लिए उच्च न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल गठित किया जाए।
उपजा के जिला संरक्षक सच्चिदानंद पंत, जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा व तहसील इकाई अध्यक्ष अरूण वर्मा ने एक संयुक्त ब्यान में कहा है कि टीवी पत्रकार रमन कश्यप की संदिग्ध मौत को लेकर मीडिया में तरह-तरह की जानकारियां आई हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनकी मौत कवरेज के दौरान गोली लगने से हुई है। यदि इसमें कुछ सत्यता है तो यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण व गंभीर मामला है। जिसकी अलग से स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में गठित विशेष जांच दल द्वारा होनी जरूरी है, ताकि वास्तविकता सबके सामने आ सके।
पत्रकारों की सुरक्षा की गारंटी:
शैलेंद्र शर्मा, योगेश गुप्ता, अनिल वशिष्ट, शेखर पंत, अनवर खान, संदीप सिंह चैहान, आकाश शर्मा, संजय तिवारी सहित अन्य कई मीडिया कर्मियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि लोकतंत्र का चैथा स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा तथा उनके स्वास्थ्य बीमा आदि की गारंटी सुनिश्चित की जाए तथा पत्रकारों के उत्पीड़न व शोषण पर सरकार अंकुश लगाए।
लघु समाचार पत्र सम्पादकों ने उठाई मांग:
सुभाष शर्मा, सुधीर वशिष्ट, सुरेंद्र गुप्ता आदि ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर से मांग की है कि डीएवीपी के नियमों व निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले लघु समाचार पत्रों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाए जाएं ताकि स्वस्थ व निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *