मुंबई: रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी भारत को एक खेल महाशक्ति के रूप में विकसित करने की क्षमता का समर्थन करने में सबसे आगे रही हैं और उन्होंने 40 सालों के बाद इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (आईओसी) सत्र को भारत में वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. फरवरी 2022 में बीजिंग में आयोजित 139वें आईओसी सत्र में नीता अंबानी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 2023 आईओसी सत्र की मेजबानी के लिए मुंबई के लिए एक प्रभावशाली पिच बनाई थी, जिसके बाद भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई को 99 फीसदी वोटों के साथ मेजबानी के लिए जबरदस्त समर्थन मिला.

साल 2016 में आईओसी के लिए चुनी गईं नीता अंबानी इस अंतरराष्ट्रीय संस्था की सदस्य बनने वाली पहली भारतीय महिला हैं और तब से उन्होंने ओलंपिक मूवमेंट में भारत के योगदान को मजबूत करने के लिए गहरी और अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है. आईओसी में नए दृष्टिकोण और कौशल को लाते हुए आईओसी सदस्य के रूप में उनके चुनाव के बाद से नीता अंबानी को कई आयोगों में नियुक्त किया गया है- ओलंपिक चैनल (201 से अब तक), ओलंपिक शिक्षा (2017 से अब तक), और संस्कृति और ओलंपिक विरासत (2020 से अब तक). इन पैनलों में उनकी उपस्थिति ने उन्हें भारत के खेल परिदृश्य को मजबूत करने और ओलंपिक आंदोलन से जुड़ने के प्रयासों में अमूल्य अंतरराष्ट्रीय अनुभव शामिल करने में सक्षम बनाया है.

IOC अध्यक्ष थॉमस बाख ने की नीता अंबानी की तारीफ, कहा- रिलायंस फाउंडेशन ओलंपिक मूल्यों के अनुरूप कर रहा काम

उनकी अध्यक्षता में रिलायंस फाउंडेशन भी जमीनी स्तर से लेकर विशिष्ट स्तर तक एथलीटों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसका ही परिणाम है कि रिलायंस फाउंडेशन के 19 में से 11 एथलीटों ने इस साल के एशियाई खेलों में पदक जीते हैं, जो भारत की कुल पदक तालिका का लगभग 13 फीसदी है. एशियाई खेलों में पदक जीतने वालों में 17 वर्षीय पलक गुलिया, जिन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और 10 मीटर एयर पिस्टल महिला टीम का हिस्सा थीं, जिसने रजत पदक जीता, से लेकर लवलीना बोरगोहेन और किशोर कुमार जेना तक शामिल थे, जिन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए अपना टिकट सुरक्षित किया और साथ ही रजत पदक भी हासिल किया.

इतना ही नहीं, रिलायंस फाउंडेशन फुटबॉल, एथलेटिक्स और स्कूल और कॉलेज के खेलों में जमीनी स्तर से एक विश्व स्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए साझेदारों के साथ भी काम कर रहा है. इसका मकसद है जमीनी स्तर पर खेल के प्रति जुनून को बढ़ावा देना; खेल प्रतिभाओं की खोज और विकास के लिए मंच बनाना; प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार; राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अवसर प्रदान करना; और अंततः एथलीटों के प्रदर्शन को बढ़ाकर उन्हें ओलंपिक तक वैश्विक खेल के उच्चतम स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करना. अपनी स्थापना के बाद से ही रिलायंस फाउंडेशन की खेल पहल देश भर में 22 मिलियन युवाओं तक पहुंच चुकी है.

Explained: आखिर इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी का मुंबई सेशन कैसे होगा गेम चेंजर, भारत को क्या फायदा? ऐसे समझें

नीता अंबानी, जिन्होंने रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष के रूप में भारत में युवा खेलों की उन्नति में अहम योगदान दिया है, उनकी पहल देश भर में 2.15 करोड़ युवाओं तक पहुंची है. उन्होंने ओलंपिक सत्र की मेजबानी मिलने को भारत की ओलंपिक आकांक्षाओं की दिशा में ‘महत्वपूर्ण विकास’ बताया था. उन्होंने कहा था, ’40 साल के इंतजार के बाद ओलंपिक सत्र भारत में वापस आ गया है. मैं 2023 में मुंबई में आईओसी सत्र की मेजबानी का सम्मान भारत को सौंपने के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की वास्तव में आभारी हूं. उन्होंने कहा, ‘यह भारत की ओलंपिक आकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा और भारतीय खेल के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी.’

2016 चुनाव से 2023 मुंबई सत्र तक...जानें आईओसी में नीता अंबानी का अब तक का सफर

इधर, गुरुवार को आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाख ने नीता अंबानी और रिलायंस फाउंडेशन के काम की सराहना की. इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के अध्यक्ष बाख ने मुंबई में चल रही आईओसी एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मीटिंग के उद्धाटन के मौके पर कहा कि नवी मुंबई में रिलायंस फाउंडेशन यंग चैंप्स अकादमी के दौरे पर उन्होंने जो देखा, उससे वे बेहद प्रभावित हुए हैं. आईओसी चीफ थॉमस बाख ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की मेरी सहयोगी और मित्र नीता अंबानी के साथ मैंने रिलायंस फाउंडेशन का दौरा किया और वहां बच्चों और युवाओं के लिए चल रहे खेल और शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम देखे. मैं वास्तव में रिलायंस और उसकी टीम से बहुत प्रभावित हूं क्योंकि इस केंद्र में पूरे भारत के बच्चों को देखा जा सकता है. इनमें से अधिकांश वंचित परिवारों से आते हैं. यहां उन्हें स्कूली शिक्षा के साथ एक उच्च स्तरीय एथलीट बनने के लिए प्रशिक्षण और तैयारियों का अवसर भी दिया जाता है.’

Tags: IOC, IOC chief Olympics, IOC President, Nita Ambani

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *