हाइलाइट्स
संघमित्रा मौर्या का सावित्रीबाई की जयंती को महिला शिक्षिका दिवस रूप मानाने का आग्रह.
3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाया जाता है.
राजस्थान सरकार ने 2021 से महिला शिक्षिका दिवस मानाना शुरू किया था.
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की सांसद संघमित्रा मौर्य ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि महान समाज सेविका सावित्रीबाई फुले की जयंती तीन जनवरी को ‘महिला शिक्षिका दिवस’ के रूप में मनाई जानी चाहिए. उन्होंने लोकसभा में नियम 377 के तहत अपना विषय रखते हुए यह मांग की. संघमित्रा ने कहा, ‘माता सावित्रीबाई फुले देश की पहली शिक्षिका होने के साथ ही महान समाज सेविका भी थीं. उन्हें और उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा.’
3 जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस मनाने की मांग
उनका कहना था, ‘मैंने माता सावित्रीबाई फुले की जयंती को ‘महिला शिक्षिका दिवस’ के रूप में मनाने की मांग पहले भी की थी. इसके जवाब में मंत्री जी ने बताया कि 5 सितंबर को सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.’ भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘मेरी मांग यह नहीं है कि 5 सितंबर को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाया जाए. मेरी मांग है कि सावित्री बाई फुले के जन्मदिवस 3 जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाया जाए.’
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राजस्थान सरकार कर चुकी है शुरुआत
मालूम हो कि 2020 में राजस्थान सरकार ने महान समाज सेविका और देश की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती 3 जनवरी को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था. विभिन्न समाज सेवी संगठनों की मांग पर राजस्थान सरकार में 3 जनवरी 2021 को महिला शिक्षिका दिवस के रूप में मनाना शुरू किया. सावित्रीबाई फुले समाज में लड़कियों के जीवन स्तर में उत्थान और बदलाव के लिए 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था. इनमें उनके पति ज्योतिबा फुले ने भरपूर सहयोग दिया था.
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Tags: BJP MP, Loksabha, Sanghmitra Maurya
FIRST PUBLISHED : December 19, 2022, 19:31 IST
