गुवाहाटी. असम में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को और बिगड़ गई और लगातार बारिश के कारण आपदा ग्रस्त तीन जिलों के करीब 29,000 लोग इससे प्रभावित हैं. सरकारी बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएम्ए) की रोजाना की बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, धेमाजी, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर जिलों में बाढ़ से 28,800 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, लखीमपुर जिले में बाढ़ ज्यादा भीषण है जहां 23,500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हैं. वहीं डिब्रूगढ़ में 3,800 से ज्यादा और धेमाजी में करीब 1,500 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

बुधवार तक असम के दो जिलों में करीब 21,000 लोग बाढ़ से प्रभावित थे. प्रशासन ने लखीमपुर जिले में राहत सामग्री बांटने के लिए तीन केन्द्र शुरू किए हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत शिविर शुरू नहीं किया गया है. एएसडीएमए ने बताया कि असम में फिलहाल 25 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 215.57 हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है. उसके अनुसार, बिस्वनाथ, बोनगाईगांव, डिब्रूगढ़, जोरहाट, लखीमपुर, मोरीगांव, सोनीतपुर और उदालगुरी जिलों में मिट्टी का खूब कटाव हुआ है.

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असम के लखीमपुर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री का वितरण. (फोटो-@LakhimpurDist)

कछार और कामरूप मेट्रोपॉलिटन में मूसलाधार बारिश के कारण कुछ जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है. एएसडीएमए ने बताया कि असम में फिलहाल कोई नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है. लखीमपुर, गोलपारा, विश्वनाथ, धेमाजी, बक्सा, दीमा हसाओ और करीमगंज जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं. लखीमपुर, गोलपारा, विश्वनाथ, धेमाजी, बक्सा, दीमा हसाओ और करीमगंज जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं. 

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गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने बुधवार को अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी वर्षा की भविष्यवाणी की थी. तीन दिनों के लिए, RMC ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था, उसके बाद के दो दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था.

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