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<p>किसी भी आपात स्थिति में हम सबसे पहले पुलिस को याद करते हैं. इतना ही नहीं सोसाइटी में शांति बनाए रखने के लिए भी पुलिस का अहम रोल होता है. देश के सभी राज्यों की पुलिस अलग-अलग है, जो राज्य सरकार के अधीन काम करती है. कुछ राज्यों में पुलिस की वर्दी भी अलग-अलग है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पुलिस के कंधे पर रस्सी क्यों लगी होती है. आइए आज हम बताते है कि पुलिस की वर्दी में रस्सी क्यों लगी होती है और उसका क्या काम है.&nbsp;</p>
<p><strong>इस रस्सी का क्या नाम ?</strong></p>
<p>पुलिस की यूनिफॉर्म में कंधे पर लगी इस रस्सी का खास काम होता है. पुलिस यूनिफॉर्म में लगी इस रस्सी को लैनयार्ड कहा जाता है. बता दें कि अगर आपने इस रस्सी को ध्यान से देखा होगा तो आप यह जानते होंगे कि ये रस्सी पुलिस वालों की पॉकेट में जा रही होती है. दरअसल इस रस्सी के साथ एक सीटी बंधी हुई होती है, जो उनके सामने के सीने वाली जेब में रखी होती है.&nbsp;</p>
<p><strong>कई रंग की होती हैं लैनयार्ड</strong></p>
<p>पुलिस के अलावा भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों समेत सभी सिक्योरिटी पर्सनल की यूनिफॉर्म में लैनयार्ड लगी होती है. पुलिस और अर्धसैनिक बलों में आमतौर पर राजपत्रित अधिकारियों (डीएसपी/एसएसपी और इससे ऊपर) की यूनिफॉर्म में लैनयार्ड काले रंग की होती है. जबकि इससे नीचे रैंक वालों की लैनयार्ड खाकी रंग की होती है.हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह रंग भिन्न-भिन्न हो सकता है. वहीं सेना के जवान किस रंग की लैनयार्ड पहनेंगे यह संबंधित रेजिमेंट पर निर्भर करता है.</p>
<p><strong>सीटी का काम</strong></p>
<p>किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या अन्य सुरक्षाकर्मी वाले इस सीटी का इस्तेमाल करते हैं. जैसे अगर किसी पुलिस वाले को इमरजेंसी में किसी गाड़ी को रोकना है या फिर किसी आपातकालीन स्थिति में उन्हें अपने किसी सहयोगी पुलिसकर्मी को कोई संदेश देना हो, तब वो इसी सीटी का इस्तेमाल करते हैं. ये सीटी उनके यूनिफॉर्म में ही लगी होती है, ताकि वो आसानी से जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल कर सकें. हालांकि ज्यादातर पुलिसकर्मी इस सीटी का इस्तेमाल पुलिसकर्मी ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए ही करते हैं. लेकिन आपात स्थिति में भी पुलिसकर्मी इस सीटी का इस्तेमाल संदेश देने या किसी भीड़ को एक साथ अलर्ट करने के लिए भी करते हैं.</p>
<p><strong> &nbsp;वर्दी में कब जुड़ा लैनयार्ड</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक लैनयार्ड यानी रस्सी का पहली बार इस्तेमाल 15 शताब्दी के अंत में फ्रांसीसी सैनिकों और जहाजों पर काम करने वाले कर्मचारियों द्वारा किए जाने के साक्ष्य मिलते हैं. जहाज पर चढ़ने या लड़ाई के दौरान हथियार सुरक्षित रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था. बता दें कि लैनयार्ड शब्द की उत्पत्ति भी फ्रांसीसी भाषा के शब्द लैनियर से हुई थी. जिसका मतलब पट्&zwnj;टा या स्ट्रैप होता है.</p>

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