मुंबई: अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का 141वां सत्र 15 से 17 अक्टूबर तक मुंबई में आयोजित किया जाएगा. यह दूसरी बार होगा जब भारत इस प्रतिष्ठित बैठक की मेजबानी करेगा. भारत ने 40 साल पहले पहली बार 1983 में नई दिल्ली में इसकी मेजबानी की थी. आईओसी सत्र में ही ओलंपिक की गतिविधियों के संबंध में विभिन्न निर्णय लिए जाते हैं, जिसमें ओलंपिक चार्टर को अपनाना या संशोधन करना, आईओसी सदस्यों और पदाधिकारियों का चुनाव और ओलंपिक के मेजबान शहर का चुनाव शामिल है.

फरवरी 2022 में बीजिंग में आयोजित 139वें आईओसी सत्र में, आईओसी सदस्य नीता अंबानी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एक नींव तैयार की थी, जिसके फलस्वरूप 2023 में आईओसी का 141वां सत्र भारत में आयोजित होने जा रहा है. आईओसी सेशन की मेजबानी भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई करे, इस प्रस्ताव को 99% सदस्यों से जबरदस्त समर्थन मिला था. यह सत्र भारतीय खेल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा और भारत को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा.

भारत में आईओसी सत्र का आयोजन होना बड़ी बात: नीरज चोपड़ा
भारत में आईओसी सत्र का आयोजन विश्व स्तरीय ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट नर्चरिंग और लाखों भारतीय खिलाड़ियों के जीवन को समृद्ध बनाने के कई अवसर खोलेगा. यह भविष्य में यूथ ओलंपिक और ओलंपिक गेम्स की मेजबानी की भारत की आकांक्षाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. News18 के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘यह बड़ी बात है कि आईओसी यहां भारत में एक सत्र की मेजबानी करेगा, जिसमें कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी, और भारत में खेलों के विकास के बारे में चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे.’

नीरज चोपड़ा ने आगे कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि इससे भारत को वैश्विक मानचित्र पर लाने में मदद मिलेगी. खेल के क्षेत्र में और एक राष्ट्र के रूप में हम क्या हासिल कर सकते हैं, हमारी क्षमताओं के बारे में जागरूकता आएगी. तो, उस लिहाज से, मुझे लगता है कि यह सत्र भारत के लिए बेहद मददगार साबित होगा.’ भारत ने हाल ही में वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ी. हांगझाउ में हाल ही में एशियाई खेलों के दौरान भारतीय दल ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 107 पदक हासिल किए. यह एशियाड में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था.



वैश्विक खेल प्रतिस्पर्धाओं में भारत की संभावनाओं को लेकर आशावादी नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि ऐसा होने से एक और अच्छी बात यह होगी कि हमारे भारतीय एथलीट उस स्थिति में देश के लिए और अधिक पदक लाएंगे. ओलंपिक की मेजबानी भारत में ही होते देखना व्यक्तिगत रूप से मेरा भी एक सपना है. यह एक खुशी का अवसर होगा.’ पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने भी भारत को जल्द ही ओलंपिक मेजबान बनाने की वकालत की.

भारत निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में ओलंपिक की मेजबानी करेगा: युवराज सिंह
युवराज सिंह ने News18 को एक साक्षात्कार में बताया, ‘मुझे लगता है कि हमारे पास सभी साधन हैं, और मुझे यकीन है कि जिस तरह से हमारा बुनियादी ढांचा (खेलों के लिए) बढ़ रहा है, हम निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में ओलंपिक की मेजबानी कर सकते हैं.’ मुंबई आईओसी सत्र में उच्च रुचि का एक बिंदु 2028 एलए ओलंपिक के कार्यक्रम में क्रिकेट को शामिल करने की घोषणा होगी. जबकि क्रिकेट 1998 में कुआलालंपुर और 2022 में बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों के हालिया संस्करणों का हिस्सा था, यह खेल ओलंपिक खेलों में 1900 के बाद से नहीं देखा गया है, जब इंग्लैंड ने पेरिस में एकतरफा मैच में फ्रांस को हराकर स्वर्ण पदक जीता था.

लेकिन क्रिकेट के ओलंपिक में दूसरी बार भाग लेने की संभावना अगले पां5 वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका में हो सकती है. LA28 अधिकारियों ने खेलों की सूची में क्रिकेट को शामिल करने की सिफारिश की है जिसे IOC के अनुमोदन के लिए भेजा गया है और इसके 2028 ओलंपियाड खेलों के लिए जोड़ा जाना तय माना जा रहा है. युवराज सिंह ने कहा, ‘ठीक है, यह कुछ साल पहले ही हो जाना चाहिए था. मुझे नहीं पता कि यह अब तक क्यों नहीं हुआ. लेकिन, अगर ऐसा हुआ तो बहुत अच्छा होगा. जल्द ही, भारत क्रिकेट में ओलंपिक स्वर्ण जीतने का बड़ा दावेदार होगा.’ 140वां IOC सत्र 15-17 अक्टूबर तक मुंबई के Jio वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा.

Tags: 2028 America Olympics, IOC, IOC chief Olympics, Nita Ambani

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