नई दिल्‍ली. अभी तक सिर्फ पर्यटन के लिए जाना जा रहा भारत का राज्‍य गोवा अब पर्यटन के साथ आयुर्वेद चिकित्‍सा के लिए भी जाना जाएगा. आने वाले समय में गोवा मेडिकल टूरिज्‍म (Medical Tourism) का हब बनने जा रहा है. यहां न केवल सैलानी समुद्री किनारे के साथ वहां की प्रकृति का आनंद ले सकेंगे बल्कि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) गोवा में आयुर्वेदिक चिकित्‍सा सेवाएं भी ले सकेंगे. बेहद खास है कि यहां पर आने वाले समय में आयुष वीजा सुविधाओं का भी लाभ उठाया जा सकेगा.

आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि उत्तरी गोवा के परनेम तालुका में यह इंस्‍टीट्यूट 50 एकड़ में फैला है. यह उपसंस्थान गोवा में दुनिया भर से आने वाले लाखों पर्यटकों के बीच मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम साबित होने जा रहा है. गोवा में लाखों की संख्‍या में विश्‍व भर से पर्यटक हर साल आते हैं. वहीं इस साल भी पर्यटकों की संख्‍या 80 लाख से ज्‍यादा हो सकती है. इन पर्यटकों में अधिकांश ऐसे भी लोग होते हैं जो भारत में घूमने के साथ चिकित्‍सा सेवाएं भी लेना चाहते हैं, लिहाजा अब ऐसे लोगों को एक ही जगह पर ये सभी सुविधाएं मिल सकेंगी.

इस आयुर्वेद अस्‍पताल में हैं 250 बेड
खास बात है कि इस उपसंस्थान में 250 बेड हैं जो ओपीडी (Outpatient Department), आईपीडी (In Patient department), ICU और आपातकालीन `(Emergency) सेवाओं के लिए उपलब्ध हैं. यहां मॉड्यूलर ओटी, शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास, निदेशक का बंगला, आवासीय सुविधा भी है. चूंकि यह फंक्‍शनल हो चुका है ऐसे में यहां सीटों के लिए रजिस्‍ट्रेशन भी शुरू हो चुका है. हालांकि ओपीडी और आईपीडी जल्‍द ही शुरू हो जाएंगी.

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36 विशेष क्षेत्रों में मिलेगा उपचार
यह संस्थान इसलिए भी खास है कि इसमें पंचकर्म, आहार, जीवन शैली, योग, आयुर्वेद और डायग्नोस्टिक तकनीक सहित 36 विशेष क्षेत्रों में उपचार प्रदान किया जाएगा जिसमें आईसीयू सहित-आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शामिल है. सर्वोत्तम निवारक स्वास्थ्य सुविधाओं (Best Tertiary health care facilities) पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, गोवा स्थित यह उपसंस्थान विभिन्न प्रकार के रोगों के निदान के लिए सर्वोत्तम, नवीनतम जैविक चिकित्सा उपकरण और मशीनरी से लैस है. यहां आने वाले रोगी आवासीय पंचकर्म कॉटेज में ठहर सकेंगे. ओपन एरिया लैंडस्केपिंग, खेल का मैदान, फार्मेसी और हर्बल गार्डन को देख सकेंगे.

एयरपोर्ट से बेहद कम है दूरी
यहां पर सैलानी विशेष पंचकर्म शुद्धिकरण प्रक्रिया द्वारा अपने शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त कर आनंद और स्फूर्ति अनुभव कर सकते है. मालूम हो कि AIIA का यह उपसंस्थान नवनिर्मित मोपा एयरपोर्ट से मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यह मुंबई मंगलौर राजमार्ग पर स्थित है और सड़क यातायात से भी जुड़ा हुआ है ऐसे में पर्यटकों द्वारा यहां आसानी से पंहुचा जा सकता है.

Tags: Ayushman Bharat Cards, Goa, Tourism

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