सर्वेश श्रीवास्तव/अयोध्या: सनातन धर्म में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं. इसके बदले में भाई बहनों की रक्षा का वचन देते हैं. इस बार रक्षाबंधन भद्रा की वजह से 2 दिन यानी 30 और 31 अगस्त को मनाया जाएगा. लेकिन सिर्फ पर्व मनाने से ही बात नहीं बनती.
ज्योतिषी ने बताया कि अगर सही विधि और मुहूर्त में राखी नहीं बांधी गई तो वह महज एक औपचारिकता रह जाती है, इसलिए रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय बहनों को ये जानना बेहद जरूरी है कि राखी किस कलाई में बांधी जाए, राखी बांधते समय किस दिशा में मुंह करके बैठा जाए और मुहूर्त क्या है. बताया गया कि ऐसा करने से भाई के सौभाग्य और स्वास्थ्य दोनों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है.
इसलिए दाहिने हाथ में बांधी जाती है राखी
धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक, शरीर का दाहिना हिस्सा पवित्र माना जाता है. यही वजह है कि कोई भी धार्मिक कार्य दाहिने हाथ से ही किया जाता है. इतना ही नहीं, शरीर का दाहिना हिस्सा नियंत्रण की शक्ति भी देता है. दाहिने हाथ को वर्तमान जीवन के कर्मों का हाथ भी माना जाता है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, अगर इंसान दाहिने हाथ से दान करता है तो भगवान भी इसे स्वीकार करते हैं. अगर आप अपने भाई की कलाई में राखी बांध रही हैं तो आप उसके दाहिने हाथ में ही राखी बांधे.
पुरुष के दाहिने हिस्से में दैवीय शक्ति!
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सनातन धर्म में स्त्री और पुरुष के लिए अलग-अलग संज्ञा दी गई है. पुरुषों के लिए दाहिना अंग पवित्र बताया गया है. माना जाता है कि पुरुष के दाहिने हिस्से में दैवीय शक्ति का वास होता है. दाहिने हाथ की कलाई में शक्ति का स्रोत होता है. यही वजह है कि दाहिने हाथ की कलाई में राखी बांधने का प्रावधान है.
रात में राखी बांधें तो इस दिशा में हो मुख
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, राखी बांधते समय बहनों को अपना चेहरा पश्चिम की तरफ रखना चाहिए और भाइयों का मुख पूर्व अथवा उत्तर दिशा में होना चाहिए. ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि रक्षाबंधन का पर्व मनाने के लिए भाई को उत्तर और पूर्व की दिशा में बैठना चाहिए, वहीं बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए. अगर संध्या काल हो गई हो या रात में राखी बांधी जाए तो उस समय भाई का मुख पश्चिम की तरफ होना चाहिए. लेकिन, सूर्य उदय से लेकर सायं काल तक पूरब और उत्तर की दिशा में मुख करके ही राखी बंधवानी चाहिए.
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
सावन की पूर्णिमा के दिन यानी 30 अगस्त को पूरा दिन भद्रा का साया रहेगा. ऐसी स्थिति में आप 30 अगस्त को रात 9:00 बजे के बाद से 31 अगस्त सुबह 7:00 बजे तक राखी बांध सकते हैं.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. NEWS18 LOCAL किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)
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FIRST PUBLISHED : August 24, 2023, 21:29 IST
