रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के नौ सुदूरवर्ती गांवों में पहली बार तिरंगा फराया जाएगा. इन गांवों में 76 सालों बाद पहली बार ध्वजारोहण किया जाएगा. यह इन क्षेत्रों में नक्सलियों के घटते प्रभाव एवं सुरक्षा परिदृश्य में सुधार का संकेत है.

पुलिस के मुताबिक इन गांवों में 1947 के बाद से कभी भी ध्वजारोहण नहीं हुआ. लेकिन कल जब इन गांवों के ग्रामीण देश के बाकी लोगों के साथ गणतंत्र दिवस मनाएंगे तो स्थिति बदल जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों के समीप सुरक्षाबलों के लिए नए शिविरों की स्थापना से उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ और वे फिर राज्य के बाकी हिस्सों से जुड़ पाएं हैं.

पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर क्षेत्र) सुंदरराज पी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘बीजापुर जिले के पालनर, डुमरीपालनर, चिंतावागु और कवाडगांव में, सुकमा जिले के मुलेर, परिया, सालटोंग, मुकराजकोंडा और डुलेड गांवों में शुक्रवार को तिरंगा फहराया जाएगा. इन गांव में आजादी के बाद से ऐसा कार्यक्रम कभी नहीं हुआ.’’

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