Disha Bhoomi
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Modinagar। मोदीनगर तहसील क्षेत्र के करीब पांच हजार से अधिक व्यापारियों को उम्मीद ही नहीं बल्कि पक्का भरोसा है कि योगी जी की सरकार का आने वाला बजट राहत देने वाला होगा। महंगाई पर ब्रेक लगने से बाजार चमकेगा। व्यापारियों को उम्मीद है कि बिजली मूल्य तथा टैक्स दर कम होंगी। पेट्रोल-डीजल को दाम में गिरावट आएगी, जिससे बाकी चीजों के दाम घटेंगे। खरीद-फरोख्त बढ़ेगी और व्यापारियों को दो साल से बाजार में छाई कारोबारी मंदी से छुटकारा मिलेगा। आईए जानते हैं व्यापारियों की बजट से क्या चाहिए।
महंगाई पर लगे लगाम
उ0प्र0 उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित गोयल कहते है कि महंगाई आसमान पर पहुंचने से आमजन ही नहीं व्यापारी वर्ग भी आहत है। प्रदेश सरकार बजट में अपने हिस्से की जीएसटी की दर कम कर चीजों के दाम नियंत्रण में लाने का काम करें, ताकि बाजार में छाई आर्थिक मंदी से व्यापारियों को राहत मिले। शिक्षा और स्वास्थ्य के सेक्टर में ज्यादा राशि का प्रावधान बजट में किया जाए।
खत्म हो लाइसेंस शुल्क
उ0प्र0 उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री निर्दोंष खटाना का कहना है कि बजट में श्रम प्रवर्तन, मंडी समिति, खाद्य आपूर्ति विभाग समेत तमाम विभागों से व्यापारियों को लाइसेंस लेना होता। लाइसेंस शुल्क खत्म करने के साथ मंडी शुल्क, नगर निकाय के शुल्क, राज्य के हिस्से की जीएसटी दर आधी करने व छोटे व्यापारियों को बैंक लोन के ब्याज पर सब्सिडी देने की जरूरत है। दुर्घटना बीमा पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
न मांगे सोना-चांदी और हीरा
नगर पालिका सभासद व सर्राफ व्यापारी नेता रवि वर्मा कहते है कि पेट्रोल-डीजल, एलपीजी गैस समेत तमाम चीजों पर महंगाई की मार है, जिसकी मार से सर्राफ भी अछूते नहीं है। सरकार से हम सोना-चांदी या हीरा नहीं मांग रहे बल्कि इन पर लगने वाली जीएसटी की दर आधी करने की मांग है। राज्य सरकार बजट में राज्य के हिस्से की 1.5 प्रतिशत जीएसटी खत्म करें, ताकि सर्राफा कारोबार में बूम आ सके। व्यापारियों से कामर्शियल रेट प्रति यूनिट 7.5 प्रतिशत वसूली जाती इसकी आधी दर की जाए।
व्यापारियों को मिले वृद्धावस्था पेंशन
व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र चैधरी ने कहा कि उम्मीद है कि योगी जी के दूसरे कार्यकाल का बजट आम जन को राहत के साथ विकास कराने वाला होगा। 60 वर्ष आयु पार कर चुके व्यापारियों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन राशि देने, जीएसटी की दर कम व सरलीकरण करने, बाजारों की टूटी सड़कों का निर्माण, जल निकासी और स्वच्छता के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान होना चाहिए।
व्यापारियों ने उठाई मांग
.महंगाई घटाने के लिए विभिन्न टैक्सों की दर आधी की जाए।
.विभिन्न विभागों के लाइसेंस शुल्क खत्म किए जाएं।
.बिजली बिल कामर्शियल के बजाय घरेलू दर से वसूले जाएं।
.60 वर्ष आयु पूरी कर चुके व्यापारियों को पेंशन दी जाए।
.जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट का समय से भुगतान हो।
.बाजारों की टूटी सड़कों का निर्माण एवं जल निकासी के प्रबंध हों।
.दुर्घटना बीमा पांच के बजाय दस लाख रुपये किया जाए।
.कारोना काल में नुकसान की भरपाई को अनुदान भी दें।
.ज्वैलरी पर राज्य वाली डेढ़ प्रतिशत जीएसटी खत्म हो।
.वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क की दर घटाई जानी चाहिए।
यह भी जानिए

.5 हजार से अधिक व्यापारी मोदीनगर क्षेत्र में
.2 हजार से अधिक रेहड़ी पटरी व्यापारी मोदीनगर में

.15 बड़े व्यापारी श्रम विभाग में पंजीकृत
. करोड़ों रुपये का प्रतिदिन कारोबार होने का अनुमान।
बताते चले कि यूपी का 2022 का बजट 26 मई (यानि आज) पेश किया जायेंगा। मुख्यमंत्री के इस बजट पर प्रदेशभर के व्यापारियों, उद्यमियों, मंझले व्यापारियों व आमजन की निगाहें लगी है। उन्हें उम्मीद है कि बजट में महंगाई कम की जायेंगी।

 

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